जी हाँ दोस्तों ये आपका अपना जीवन है और ये जीवन कितना है ये किसी को नहीं पता पर जितना भी है उसको कैसे जीना है बोले तो किस सोच विचार के साथ जीना है वो काफी हद तक आपके हाथ में है क्यूंकि भगवान् आपको वो जरूर देते हैं जो आप पागलपन की हद…