कब 

जब तुझे लोग इग्नोर करेंगे –  तभी तो तू कुछ नया करेगा 

जब तेरे रिश्तेदार तुझे झंडू समझेंगे – तभी तो तू कुछ नया करेगा

जब तेरे पडोसी तुझे किरायेदार होने की वजह से समूह से अलग करेंगे – तभी तो तू कुछ नया करेगा

जब तेरे ही मित्र ये मान लें की तू जो कर रहा है वो बड़ी बेवकूफी है – तभी तो तू कुछ नया करेगा

जब अच्छी परफॉरमेंस देने पर भी तेरा बॉस तुझे डांट दे – तभी तो तू कुछ नया करेगा

जब चाहकर भी तू उस ट्रिप पर नहीं जा पाया जहाँ तेरा मन था – तभी तो तू कुछ नया करेगा तभी तो तू कुछ नया करेगा Tabhi To Tu Kuch Karega | Motivation Lesson Sunil

जब इतने साल बाद भी तेरी पत्नी तुझे कहे तू बेकार है – तभी तो तू कुछ नया करेगा 

जब तू ये सुने की तूने किया ही क्या है – तभी तो तू कुछ नया करेगा

जब तेरी छोटी गलती पर तुझे बड़ी माफी मांगनी पड़े – तभी तो तू कुछ नया करेगा

जब अनेक प्रयासों के बाद तू फ़ैल है – तभी तो तू कुछ नया करेगा

जब इतने अनुभव के बाद भी तेरा बटुआ खाली है – तभी तो तू कुछ नया करेगा 

जिनमे तू शामिल है वही दुत्कार दें – तभी तो तू कुछ नया करेगा

जब तेरी नेतागिरी की बैंड बज जाएगी – तभी तो तू कुछ नया करेगा 

जब तेरी बिटिया बड़ी होगी विवाह में अड़चन आएगी – तभी तो तू कुछ नया करेगा

जब लोग कहेंगे कि यार बोर मत कर – तभी तो तू कुछ नया करेगा

जान तेरे मासिक वेतन में तेरी जरूरतें पूरी नहीं होंगी – तभी तो तू कुछ नया करेगा

अगर तू फिर भी कुछ नया न करे तो समझ ले तू एक आम इंसान है – हेलो, आम इंसान होना कोई बुरी बात नहीं

परन्तु – जो भी आनंद और सुविधा तू यहाँ ले रहा है, नोट कर ले, ये उनकी देन हैं जिन्होंने कभी कुछ नया किया

कब आये कब चले जाओगे कोण जानेगा – और किसे फर्क पड़ता है 

भगत सिंह छोटी उम्र में शहीद हुए, ऊधम सिंह ने क्रांति की – आज स्मरण होता है इनका

अब्राहम लिंकन अट्ठारह बार हारकर पत्नी से लात खाकर अमेरिका जैसे शक्तिशाली देश के राष्ट्रपति बने – जानते हैं आज लोग

जॉर्ज वाशिंगटन ने किताबें उधार मांगकर पढाई की, वो भी अमेरिका के राष्ट्रपति बने

महात्मा गाँधी पैसे वाले थे, पर कुछ नया किया, धोती डंडा का रूप अपनाया, आज नोटों पर हैं

भाई तू क्या नया करेगा

परिवार के खर्चे पानी चलाने में ही मरेगा 

सोच तेरे दिल में क्या

जीवन छोटा है

कर दे जो करना चाहता है

सीख ले जो सीखना चाहता है 

एक ही जीवन है तेरे पास

न सुन किसी की – भीतर की सुन

ये दुनिया, माँ बाप, रिश्तेदार, घरवाली, ये सब चाहते हैं कि तू बस फिट रहे सीमित रहे

परन्तु ये फिटनेस और सीमित रहना तुझे अंदर ही अंदर खाये जा रहे हैं

सुन भीतर की और जा जिले अपनी जिंदगी

क्यूंकि जब भीतर की सुनेगा तभी तो तू कुछ नया करेगा 

Yours
Suniltams Guruji
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  1. Deepak

    बहुत ही सुंदर पंक्तिया।